टारगेट हो रहे थे और इन्वेंट्री अंडर कंट्रोल थी फिर भी शेर चिंतित था. उसे लग रहा था कि उसने अपने एम्प्लॉयीज को उसकी क्षमता से कम टारगेट दिया था.
उसे चिंता थी कि अगले साल क्या टारगेट हो जो उसके एम्प्लॉइज की क्षमता के अनुकूल हो. उसने तुरंत एक डिस्कशन मीटिंग बुलाई. उसने अपने सबऑर्डिनेट तेंदुए और उसके सबऑर्डिनेट चीते को आदेश दिया गया कि पूरे साल का सेल्स डेटा और इन्वेस्टमेंट की डिटेल एक्सेल शीट पर तैयार करे और अपने सुझाव तैयार करे कि कैसे सेल बढ़ेगी और उसके हिसाब से टारगेट दिए जायेंगे.
तेंदुए ने चीते के साथ मिल कर 20 पॉइंट्स तैयार किये. तय समय पर तेंदुआ और चीता डिस्कशन के लिए पहुच गए. मीटिंग शुरू हुई. लंच तक शेर कंपनी के विज़न के बारे मैं बताता रहा. लंच के बाद शेर ने कंपनी के टारगेट के बारे में बताना शुरू किया. तेंदुआ और चीता अलर्ट हो कर डिस्कशन कर लिए तैयार थे यद्यपि लंच में।किये भोजन से उन्हें हल्की से नींद आ रही थी. टी टाइम तक शेर उन्हें टारगेट और रेवेन्यू जनरेशन के बारे में बताता रहा.
टी टाइम के बाद शेर ने उन्है हिंट देना शुरू किया कि पॉसिबल टारगेट इस साल के टारगेट का दुगना हो सकता है. तेंदुआ और चीता ने इसका विरोध किया और डिस्कशन के लिए तैयार किया गया डेटा दिखाने की कोशिश की. इस पर शेर भड़क गया और तेंदुए, चीते की घिग्घी बंध गयी.
आखिरकार शेर ने उन पर तरस खाते हुए टारगेट इस साल के टारगेट का डेढ़ गुना कर दिया और डिस्कशन मीटिंग खत्म हो गयी.
तेंदुए और चीते ने राहत की सांस ली कि आखिरकार वह टारगेट कम कराने में कामयाब रहे पर उन्हें चिंता थी कि वह डाउन द लाइन इसे कैसे बताए. बहुत सोच विचार कर उन्होंने एक डिस्कशन मीटिंग बुलाई. हर डाउन द लाइन एम्प्लाइज को मेल लिखी गयी कि अमुक तारीख को ठीक 10 बजे सेल्स डेटा और इन्वेस्टमेंट डिटेल के साथ निश्चित स्थान पर पहुचे क्योकि कुछ डिस्कशन होना है.
Moral of the story:
उसे चिंता थी कि अगले साल क्या टारगेट हो जो उसके एम्प्लॉइज की क्षमता के अनुकूल हो. उसने तुरंत एक डिस्कशन मीटिंग बुलाई. उसने अपने सबऑर्डिनेट तेंदुए और उसके सबऑर्डिनेट चीते को आदेश दिया गया कि पूरे साल का सेल्स डेटा और इन्वेस्टमेंट की डिटेल एक्सेल शीट पर तैयार करे और अपने सुझाव तैयार करे कि कैसे सेल बढ़ेगी और उसके हिसाब से टारगेट दिए जायेंगे.
तेंदुए ने चीते के साथ मिल कर 20 पॉइंट्स तैयार किये. तय समय पर तेंदुआ और चीता डिस्कशन के लिए पहुच गए. मीटिंग शुरू हुई. लंच तक शेर कंपनी के विज़न के बारे मैं बताता रहा. लंच के बाद शेर ने कंपनी के टारगेट के बारे में बताना शुरू किया. तेंदुआ और चीता अलर्ट हो कर डिस्कशन कर लिए तैयार थे यद्यपि लंच में।किये भोजन से उन्हें हल्की से नींद आ रही थी. टी टाइम तक शेर उन्हें टारगेट और रेवेन्यू जनरेशन के बारे में बताता रहा.
टी टाइम के बाद शेर ने उन्है हिंट देना शुरू किया कि पॉसिबल टारगेट इस साल के टारगेट का दुगना हो सकता है. तेंदुआ और चीता ने इसका विरोध किया और डिस्कशन के लिए तैयार किया गया डेटा दिखाने की कोशिश की. इस पर शेर भड़क गया और तेंदुए, चीते की घिग्घी बंध गयी.
आखिरकार शेर ने उन पर तरस खाते हुए टारगेट इस साल के टारगेट का डेढ़ गुना कर दिया और डिस्कशन मीटिंग खत्म हो गयी.
तेंदुए और चीते ने राहत की सांस ली कि आखिरकार वह टारगेट कम कराने में कामयाब रहे पर उन्हें चिंता थी कि वह डाउन द लाइन इसे कैसे बताए. बहुत सोच विचार कर उन्होंने एक डिस्कशन मीटिंग बुलाई. हर डाउन द लाइन एम्प्लाइज को मेल लिखी गयी कि अमुक तारीख को ठीक 10 बजे सेल्स डेटा और इन्वेस्टमेंट डिटेल के साथ निश्चित स्थान पर पहुचे क्योकि कुछ डिस्कशन होना है.
Moral of the story:
बॉस के साथ डिस्कशन का मतलब बॉस की तैयार स्पीच को सुनना, उसकी भाषा का मतलब समझना और उसके दिए टारगेट को बिना बहस एक्सेप्ट करना होता है
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