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Monday, December 3, 2018

बॉस का चुटकुला

शेर की मीटिंग चल रही थी. उसका सबऑर्डिनेट तेंदुआ, तेंदुए का सबऑर्डिनेट चीता, और फ्रंट लाइन मैनेजर्स जैसे लोमडी सियार भेड़िया।हाइना मीटिंग में उपस्थित थे.
शेर का पूरा ध्यान अपने स्टाफ को कॉरपोरेट एटिकेट्स सिखाने पर था. बीच बीच में शेर भाषण को बोर होने से बचाने के लिए एकाध चुटकुला उसमे जोड़ देता था.
सब हंसते थे पर लोमड़ी उस चुटकुले का मतलब नोट कर लेती थी. लोमडी का ध्यान पूरी तरह शेर के भाषण पर था.
शेर ने यह बात नोट की लोमडी चुप बैठी है और हंस नही रही. उसे लगा कि लोमडी सीरियसली मीटिंग अटेंड नही कर रही है.
शेर चुटकुला सुनाता हुआ लोमडी के पास आया और अचानक पूछा कि क्या आप मीटिंग में है?
तेंदुए और चीते ने गुर्रा कर लोमड़ी को देखा. लोमडी घबरा गयी. उसने जो कुछ भी नॉट किया था वो शेर को दिखा दिया.
शेर कुछ सोच कर बोला अगर आप मीटिंग में है तो हंस क्यो नही रही है?
उसके बाद लोमडी शेर के हर चुट्कुले पर ठहाका मार मार कर हंसी. उसे लगा कि शायद शेर को अब शिकायत नही होगी.
मीटिंग खत्म होने के बाद नाराज़ तेंदुए ने लोमडी और उसके बॉस चीते को तलब किया. तेंदुआ बहुत गुस्से में था. उसने चीते को वार्निंग दी कि लोमडी को तमीज़ सिखाये इस तरह मीटिंग में हंसा जाता है क्या?

Moral of the story:
बॉस के चुटकुले पर हंसो या मत हंसो बैंड हमेशा जूनियर की बजती है

Sunday, December 2, 2018

बॉस का डिसकशन

टारगेट हो रहे थे और इन्वेंट्री अंडर कंट्रोल थी फिर भी शेर चिंतित था. उसे लग रहा था कि उसने अपने एम्प्लॉयीज को उसकी क्षमता से कम टारगेट दिया था.
उसे  चिंता थी कि अगले साल क्या टारगेट हो जो उसके एम्प्लॉइज की क्षमता के अनुकूल हो. उसने तुरंत एक  डिस्कशन मीटिंग बुलाई. उसने अपने सबऑर्डिनेट तेंदुए और उसके सबऑर्डिनेट चीते को आदेश दिया गया कि पूरे साल का सेल्स डेटा और इन्वेस्टमेंट की डिटेल एक्सेल शीट पर तैयार करे और अपने सुझाव तैयार करे कि कैसे सेल बढ़ेगी और उसके हिसाब से टारगेट दिए जायेंगे.
तेंदुए ने चीते के साथ मिल कर 20 पॉइंट्स तैयार किये. तय समय पर तेंदुआ और चीता डिस्कशन के लिए पहुच गए. मीटिंग शुरू हुई. लंच तक शेर कंपनी के विज़न के बारे मैं बताता रहा. लंच के बाद शेर ने कंपनी के टारगेट के बारे में बताना शुरू किया. तेंदुआ और चीता अलर्ट हो कर डिस्कशन कर लिए तैयार थे यद्यपि लंच में।किये भोजन से उन्हें हल्की से नींद आ रही थी. टी टाइम तक शेर उन्हें टारगेट और रेवेन्यू जनरेशन के बारे में बताता रहा.
टी टाइम के बाद शेर ने उन्है हिंट देना शुरू किया कि पॉसिबल टारगेट इस साल के टारगेट का दुगना हो सकता है. तेंदुआ और चीता ने इसका विरोध किया और डिस्कशन के लिए तैयार किया गया डेटा दिखाने की कोशिश की. इस पर शेर भड़क गया और तेंदुए, चीते की घिग्घी बंध गयी.
आखिरकार शेर ने उन पर तरस खाते हुए टारगेट इस साल के टारगेट का डेढ़ गुना कर दिया और डिस्कशन मीटिंग खत्म हो गयी. 
तेंदुए और चीते ने राहत की सांस ली कि आखिरकार वह टारगेट कम कराने में कामयाब रहे पर उन्हें चिंता थी कि वह डाउन द लाइन इसे कैसे बताए. बहुत सोच विचार कर उन्होंने एक डिस्कशन मीटिंग बुलाई. हर डाउन द लाइन एम्प्लाइज को मेल लिखी गयी कि अमुक तारीख को ठीक 10 बजे सेल्स डेटा और इन्वेस्टमेंट डिटेल के साथ निश्चित स्थान पर पहुचे क्योकि कुछ डिस्कशन होना है.
Moral of the story:
बॉस के साथ डिस्कशन का मतलब बॉस की तैयार स्पीच को सुनना, उसकी भाषा का मतलब समझना और उसके दिए टारगेट को बिना बहस एक्सेप्ट करना होता है

The power of timely action

The difference between success and failure is marginal. Sometimes, a person who is talented, efficient, confident, and equipped with knowled...