शेर ने देखा लोमड़ी अपना काम सबसे जल्दी खत्म कर घर पहुच जाती है. तो शेर को यकीन हो गया कि लोमड़ी अपना काम मन लगा कर नही कर रही है. उसने लोमडी की review meeting बुलाई. लोमड़ी को आदेश दिया गया कि सारा डेटा एक पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन के द्वारा शेर के सामने प्रस्तुत किया जाए.
शेर ने हर फ़ाइल को खंगाला लेकिन लोमडी के काम में कोई कमी नही दिखाई दी. तो शेर को मानना पड़ा कि लोमडी ठीक काम कर रही है. पर उसे संतुष्टि नही हुई.
उसे लग रहा था कि लोमडी को उसकी योग्यता से कम काम दिया गया है और वेतन उसे ज्यादा मिल रहा है.
आखिरकार एक बार फिर review meeting बुलाई गई इस बार उसमे भेड़िया सियार और हाइना भी बुलाये गये. यानी पूरा स्टाफ बुलाया गया तो पाया गया कि सियार के हिस्से में जो काम है वह उसमे100% output नही आ रहा है पर सियार सुबह से लेकर शाम तक मेहनत करता था अतः उसको और अच्छा काम करने के लिए मोटिवेट किया गया.
भेड़िया के रिव्यु हुआ तो भेड़िया ने हाँ हॉ ना ना में अपना रिव्यु टाइम निकाल दिया. शेर को गुस्सा आया तो उसने भेडियो को ज्यादा आउटपुट निकलने का टारगेट दिया.
हाइना जो था वह मजबूत बैकग्राउंड से था मुंहफट भी था और दबंग भी था. शेर उससे थोड़ा घबराता भी था.
तो शेर ने कुछ एवें सवाल पूछे जिसे हाइना ने हंस कर दाये बाये कर दिया. और उसका रिव्यु खत्म हो गया.
अब फिर लोमडी की बारी आई. शेर को अब भी लग रहा था कि लोमडी का वेतन ज्यादा है तो काम भी ज्यादा होना चाहिए. तो उसने एक टेरिट्री लोमडी को और दे दी आउटपुट निकालने को.
अब शेर संतुष्ट था कि लोमडी बिजी है. पर कुछ दिन बाद उसने देखा कि लोमडी ने अपने समय में उस टेरेटरी को भी एडजस्ट कर लिया है और पहले की तरह अब भी वह घर जल्दी पहुंच जाती है. शेर फिर असन्तुष्ट हो गया रिव्यु का कोई फायदा नही था तो उसने पहले एक सलाह के तौर पर और फिर आदेश के रूप में लोमडी के लिए यह अनिवार्य कर दिया कि वह दस नए क्लाइंट से रोज़ मिले.
शेर अब बेचैन था कि लोमडी उसके आदेश का पालन नही कर रही है. एक पर्सनल मीटिंग में इस बात को लेकर शेर ने लोमडी से इस बारे में जानकारी चाही तो लोमडी ने उसे आश्वस्त करते हुए कहा कि काम हो रहा है. पर शेर को यकीन नही हुआ.
एक बार फिर रिव्यु हुआ और लोमडी को थोड़ा काम और दिया गया. अब लोमडी पर काम का बोझ बाद गया था. वह कई बार काम भूल जाती. कई बार लेट हो जाती.
अब शेर को लगने लगा कि लोमड़ी काम को कैसुअली ले रही है. उसे लोमडी के ड्रेस सेंस पर खीझ आने लगी. अक्सर उसकी बहस लोमडी से हो जाती.
आखिरकार शेर ने एक दिन लोमडी को जंगल छोड़ने का आदेश दे दिया.
सियार अब भी दिन भर मेहनत करता था पर आउटपुट 100% नही आता था, भेड़िया अब भी चिक चिक झिक झिक कर काम चला रहा था और हाइना से कुछ कहने की हिम्मत तो पहले भी किसी में नही थी.
पर शेर संतुष्ट था. उसे एक नई लोमडी की तलाश थी जो पुरानी लोमडी की जगह ले सके
Moral of the story
कॉरपोरेट वर्ल्ड में जितना काम आ करते हो उससे ज्यादा करते हुए दिखना चाहिए वरना किसी दिन आपको भी बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है.